जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और यूजीसी के नए नियमों पर पुनर्विचार की उठाई मांग
जौनपुर। देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान अधिकार की मांग को लेकर सवर्ण आर्मी ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार से संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा सभी नागरिकों को कानून का समान संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की।
संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि संविधान सभी नागरिकों को समानता और मौलिक अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में सरकारी नीतियों और व्यवस्थाओं में भी समानता एवं पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सवर्ण आर्मी ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की मांग करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति के साथ वास्तविक सामाजिक एवं शैक्षिक पिछड़ेपन जैसे पारदर्शी मानकों को भी इसका आधार बनाया जाना चाहिए।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2026 में लागू किए गए नए नियमों की भी समीक्षा करने की मांग उठाई गई। संगठन का कहना है कि जिन प्रावधानों को जनहित और समानता की कसौटी पर उचित नहीं पाया जाता है, उन पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
सवर्ण आर्मी ने विभिन्न मामलों में न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित आंकड़ों को भी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। संगठन ने कहा कि मामलों के अंतिम न्यायिक परिणाम, दोषमुक्त हुए आरोपियों की संख्या तथा न्यायालय द्वारा आरोप निराधार पाए जाने वाले मामलों से जुड़ी जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समान कानून, समान अधिकार और पारदर्शी व्यवस्था की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।