जनपद जौनपुर | आज पीडीए भवन, कटघरा, जौनपुर में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए मोहम्मद अरशद खान, राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी, संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अम्बेडकर विचार मंच तथा पूर्व विधायक जौनपुर सदर ने कहा कि भारत की सामाजिक संरचना और इतिहास को समझे बिना सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि इतिहासकारों, समाजशास्त्रियों और विभिन्न विचारधाराओं के विद्वानों के बीच भारत के सामाजिक विकास और जाति व्यवस्था की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मत हैं, लेकिन यह निर्विवाद सत्य है कि सदियों से समाज के अनेक वर्गों—विशेषकर आदिवासी, दलित, मुसहर, पासी, चमार, धोबी, खनिक, वाल्मीकि तथा अन्य वंचित समुदायों—को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ेपन, भेदभाव और उपेक्षा का सामना करना पड़ा है।
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि आज भी मुसहर, आदिवासी, दलित और अन्य वंचित समाज के लाखों परिवार गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, भूमिहीनता और सामाजिक अपमान की समस्याओं से जूझ रहे हैं। देश की प्रगति तब तक अधूरी रहेगी जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान, अवसर और न्याय नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक न्याय आंदोलन के माध्यम से वंचित समाज को राजनीतिक भागीदारी, शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, सामाजिक सम्मान और आर्थिक अवसर दिलाने का संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों, किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों, मुसहरों और अन्य वंचित समुदायों के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध हो सके।
