जनपद जौनपुर | वि० खं० करंजाकला क्षेत्र के दहीरपुर नाला पर स्थित सोशल स्टडी पॉइंट ऑफ़ आई० टी० एंड मैनेजमेंट द्वारा विश्व योग दिवस के मौके पर छात्र-छात्राओं के लिए योग प्रशिक्षण शिविर संचालित किया गया जिसमें योग प्रशिक्षण दे रहे विमल योगी ने कहा कि योग कोई धर्म नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है जिसका उद्देश्य स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। मनुष्य एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक प्राणी है योग तीनों के बीच संतुलन विकसित करने में मदद करता है जैसा कि भारत में आयुर्वेद में कहा गया है कि व्यायाम के अन्य रूप जैसे योग सिर्फ़ शरीर को मोड़ना या मरोड़ना और सांस रोकना नहीं है। यह आपको ऐसी अवस्था में लाने की तकनीक है जहाँ आप वास्तविकता को बस वैसे ही देखते और अनुभव करते हैं जैसे ही आप अपनी ऊर्जाओं को उल्लासमय और आनंदित होने देते हैं, तो आपका संवेदी शरीर फैलता है। यह आपको पूरे ब्रह्मांड को अपने एक हिस्से के रूप में अनुभव करने में सक्षम बनाता है, जिससे सब कुछ एक हो जाता है, यही वह मिलन है जो योग बनाता है
संस्था प्रबंधक आर० एस० विश्वकर्मा जी ने बताया कि वर्तमान में युवाओं के हाथ में देश की बागडोर होती है यदि युवा अपने आप को पहचान ले और अनुशासित होकर सही दिशा में अपने आपको ले चले तो वह सफल बन कर अपने माता पिता का अच्छा सारथी बन सकता है और योग आपके मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य को आदर्श बनाने पर केंद्रित है। जब आप खुद को इस तरह से समायोजित करते हैं कि आपके भीतर सब कुछ शानदार ढंग से काम करता है, तो आप अपनी क्षमताओं का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर पाएंगे।
प्रशिक्षण सारथी के रूप में अंकित सेन जी ने बताया कि इसके अलावा हठ योग और इसकी विभिन्न शाखाओं (अष्टांग योग, अयंगर योग, बिक्रम योग, यिन योग, कुंडलिनी योग) के माध्यम से पूर्ण सामंजस्य प्राप्त किया जा सकता है, इसके अलावा योगिन जॉगिंग अनुलोम विलोम कपालभाति सूर्य नमस्कार हसासन वज्रासन इत्यादि शिविर प्रशिक्षण दिया गया उक्त कार्यक्रम में जूली जी ने सभी को हार्ड वॉर्मअप कराया एवं एक संदेश दिया कि आज ग्रामीण लड़कियां भी किसी से कम नहीं बस उन्हें भी मौका दिया जाना चाहिए, कार्यक्रम में अदिति, अंशिका, सुमन, अंजेश, बलराम, अमन, अनुराग, रुचि, संध्या, शिवानी, शिवांगी, नीलम, हर्षित, अजीत, विकास, आयुष, राजन, कुमकुम आदि उपस्थित रहे।