कड़ी परिश्रम और सटीक तैयारी से ही मिलती है सफलता
जनपद जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा शनिवार को “करियर उन्नयन एवं मूट कोर्ट मार्गदर्शन” विषय पर विशेष व्याख्यान एवं कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वर्ष 2008 के चर्चित आरुषि तलवार हत्याकांड पर आधारित आभासी न्यायालय की नाट्य प्रस्तुति रही।अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि आभासी न्यायालय जैसी शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अभिव्यक्ति कौशल एवं विधिक दक्षता को सुदृढ़ बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि व्यवहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थी भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए पूर्णतया तैयार होते हैं।मुख्य वक्ता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को व्यावसायिक उन्नति, आभासी न्यायालय की उपयोगिता तथा विधि व्यवसाय में सफलता के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने नियमित अध्ययन, नवीनतम विधिक ज्ञान एवं न्यायालयीन अनुशासन के महत्व पर विशेष बल दिया।विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता पी. एच. वशिष्ठ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए वाद की गहन तैयारी, तथ्यों की स्पष्ट समझ तथा पेशेवर नैतिकता अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों ने न्यायालयीन प्रक्रिया, साक्ष्य परीक्षण, जिरह तथा विधिक तर्कों का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से छात्र-छात्राओं को वास्तविक न्यायिक कार्यवाही की अनुभूति प्राप्त हुई तथा उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वित्त अधिकारी आत्मा प्रकाश धर द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया ।
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