उत्तरकाशी- उत्तराखंड प्रदेश की आगामी चारधाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा आज यमुनोत्री धाम चारधाम यात्रा से संबंधित प्रमुख मार्गों, पड़ावों एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा मार्गों की स्थिति, पैदल मार्ग, सड़क सुरक्षा, यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थलों, आवासीय व्यवस्थाओं एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर ली जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एनएच, लोनिवि, जल संस्थान और विद्युत विभाग के अधिकारियों को यात्रा रूट पर निर्बाध सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पैदल मार्ग पर संवेदनशील स्थानों का चिन्हीकरण कर वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा घोड़े-खच्चरों के लिए गर्म पानी व पड़ावों पर स्वच्छता की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
अधिशासी अभियंता यूपीसीएल को स्यानाचट्टी, रानाचट्टी, हनुमान चट्टी, जानकीचट्टी और मंदिर परिसर में स्ट्रीट लाइट्स और पोल सहित निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। पालीगाड़ बाजार में जल भराव की समस्या के निराकरण के लिए चल रहे सीसी कार्य को मार्च से पहले पूरा करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए अधिशासी अभियंता एनएच को अवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हलना-कुथनौर सड़क मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई को रिटेनिंग वॉल निर्माण का कार्य तत्काल शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट किया कि यात्रा सीजन और स्थानीय आवाजाही के मद्देनजर सुरक्षा कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने लोनिवि गेस्ट हाउस जानकीचट्टी में यमुनोत्री यात्रा से संबंधित अधिकारियों और हितधारकों के साथ बैठक ली। इस दौरान यात्रा को लेकर जिलापंचायत की तैयारियों की जानकारी ली तथा शौचालय और साफ–सफाई की व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने के निर्देश दिये। उन्होंने मंदिर समिति एवं स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की बात कही।
अधिशासी अभियंता लोनिवि को यात्रा रूट पर साइनेज और सौंदर्यकरण संबंधित सभी कार्य करने और हेलीपैड के सड़क पैच को जिला योजना में रखने के निर्देश दिये। खरसाली पुल से खरसाली मंदिर तक की सड़क को लोनिवि को हस्तांतरित करने के लिए के लिए उपजिलाधिकारी, ब्रिडकुल और लोनिवि को संयुक्त टीम बनाकर सोमवार तक निरीक्षण करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
