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युवा साइबर अपराधो से दूर और सतर्क रहे

Jan Dhamaka Times


जनपद जौनपुर  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में गुरुवार को युवा, मानसिक स्वास्थ्य एवं साइबर अपराध विषय पर विशेष व्याख्यानों का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना था। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर के तत्वावधान में आयोजित कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप-331 के अंतर्गत संपन्न हुआ। साइबर अपराध पर आयोजित व्याख्यान में विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने बताया कि युवाओं के साथ होने वाले साइबर अपराधों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने एआई के माध्यम से होने वाली साइबर बुलिंग, फर्जी नौकरी, निवेश के नाम पर ठगी और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों का उल्लेख किया, जिनके जरिए अपराधी युवाओं को मानसिक रूप से प्रताडित करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि साइबर अपराधी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं।

डॉ. राठौश्र ने युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि यदि किसी पद के लिए आवेदन ही नहीं किया गया है, तो नियुक्ति पत्र मिलने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्रों और एक दिन में पैसा दोगुना जैसी योजनाओं को भी साइबर ठगी के प्रमुख हथकंडे बताया, जिनसे युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है।  मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर आयोजित व्याख्यान में विश्वविद्यालय के वैलनेस सेंटर की नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू त्यागी ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति ही जीवन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकता है।डॉ. त्यागी ने आगे कहा कि जीवन की लगभग 40 प्रतिशत खुशी हमारे अपने हाथों में होती है, लेकिन नकारात्मक सोच के कारण हम उसे स्वयं खो देते हैं। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से मानसिक  स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की सलाह दी। 

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