जनपद जौनपुर। रामपुर विकास खंड में आदर्श गांव चयन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जहां पारदर्शिता और सूचना के अभाव ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदर्श गांव चयनित होने के बाद भी न तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई और न ही किसी राष्ट्रीय अखबार में इसका प्रकाशन कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, जब इस संबंध में ग्राम प्रधान और सचिव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि कार्य ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है। इस बयान के बाद पूरे मामले में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की आशंका और भी गहरा गई है।
आरोप है कि रामपुर ब्लॉक में योजनाओं के नाम पर खुलेआम अनियमितताएं हो रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर आदर्श गांव जैसी महत्वपूर्ण योजना में ही पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, तो अन्य योजनाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वाकई जांच के आदेश दिए जाते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
