जनपद आजमगढ़ डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों के प्रभावी उपचार, प्रबंधन एवं रोकथाम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड के वित्तीय सहयोग तथा सीएचआरआई के तकनीकी सहयोग से जनपद के एक होटल के सभागार में संपन्न हुई।
कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज, 100 शैय्या चिकित्सालय, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों के साथ-साथ निजी चिकित्सक एवं नर्सिंग होम संचालकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा जारी नवीन राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि जनपद आजमगढ़ मलेरिया उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है, जिसमें सरकारी एवं निजी दोनों चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बुखार से पीड़ित प्रत्येक रोगी की मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से कराने, डेंगू में समय पर सही उपचार सुनिश्चित करने तथा सभी मामलों की सूचना यूडीएसपी पोर्टल पर समय से दर्ज करने की अपील की।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. बी. के. राव ने इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाओं को उपयोगी बताते हुए राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन पर जोर दिया।
कार्यशाला का उद्देश्य जनपद में मच्छर जनित रोगों की समय पर पहचान, सही उपचार एवं प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित कर आम जनमानस को सुरक्षित रखना रहा।

.jpg)
