जौनपुर। शहर कोतवाली की पुलिस ने प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर 100 से अधिक लोगो से करोडों की ठगी का पर्दाफाश कर अभियुक्त को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि ठगी करने वाला प्रियम श्रीवास्तव फर्जी तरीके से आनलाईन राजरिता फर्म बनाकर ए.4 साईज पेपर व नोट बुक डिलीवर करने का झांसा देकर आर्डर लेता था और उनसे अपने फर्म व घरवालो के अकाउन्ट मे पैसे मंगवा लेता था। जब ग्राहक डिलीवरी के लिये सम्पर्क करते तो इनवाइस मेकर ऐप के माध्यम से अपने राजरिता फर्म का फर्जी बिल बनाता था व पिक्सआर्ट एप के माध्यम से आनलाईन डीटी डीसी कुरियर का फर्जी बिल्टी बनाकर उनके व्हाट्एप नं पर भेज देता लेकिन माल दिलीवर नही करता था । इसके बाद इसके द्वारा एक्स पोर्टर इण्डिया व इण्डिया मार्क जैसे प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके आनलाइन बेबसाइट के माध्यम से ग्राहक खोजता था। ग्राहक खोजकर गेमिंग प्लेटफार्म पर पैसे मांगाकर उसे अपने खातों में जमा करा लेता था।अभियुक्त के प्रयुक्त बैंक खाते के अवलोकन से इसके द्वारा वर्ष 2021 से अब तक एक करोड से ज्यादा फर्जी ट्रांजक्सन है। घटना मे प्रयोग किये गये बैंक खाते व मोबाइल नंबर को साईबर पुलिस पोर्टल पर चेक करने पर अब तक विभिन्न राज्यो से कुल 21 एनसीआरपी कम्पलेन का होना पाया गया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विश्वनाथ प्रताप सिंह व साईबर थाना के प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह व राजेश यादव व साईबर टीम शनिवार के दिन प्रतिबिम्ब पोर्टल से संदिग्ध मोबाइल नंबर प्राप्त कर शातिर ठग को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय भेज दिया। आप सबको सावधान रहने की जरुरत है |
करोड़ों की ठगी करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार
जौनपुर। शहर कोतवाली की पुलिस ने प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर 100 से अधिक लोगो से करोडों की ठगी का पर्दाफाश कर अभियुक्त को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि ठगी करने वाला प्रियम श्रीवास्तव फर्जी तरीके से आनलाईन राजरिता फर्म बनाकर ए.4 साईज पेपर व नोट बुक डिलीवर करने का झांसा देकर आर्डर लेता था और उनसे अपने फर्म व घरवालो के अकाउन्ट मे पैसे मंगवा लेता था। जब ग्राहक डिलीवरी के लिये सम्पर्क करते तो इनवाइस मेकर ऐप के माध्यम से अपने राजरिता फर्म का फर्जी बिल बनाता था व पिक्सआर्ट एप के माध्यम से आनलाईन डीटी डीसी कुरियर का फर्जी बिल्टी बनाकर उनके व्हाट्एप नं पर भेज देता लेकिन माल दिलीवर नही करता था । इसके बाद इसके द्वारा एक्स पोर्टर इण्डिया व इण्डिया मार्क जैसे प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके आनलाइन बेबसाइट के माध्यम से ग्राहक खोजता था। ग्राहक खोजकर गेमिंग प्लेटफार्म पर पैसे मांगाकर उसे अपने खातों में जमा करा लेता था।अभियुक्त के प्रयुक्त बैंक खाते के अवलोकन से इसके द्वारा वर्ष 2021 से अब तक एक करोड से ज्यादा फर्जी ट्रांजक्सन है। घटना मे प्रयोग किये गये बैंक खाते व मोबाइल नंबर को साईबर पुलिस पोर्टल पर चेक करने पर अब तक विभिन्न राज्यो से कुल 21 एनसीआरपी कम्पलेन का होना पाया गया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विश्वनाथ प्रताप सिंह व साईबर थाना के प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह व राजेश यादव व साईबर टीम शनिवार के दिन प्रतिबिम्ब पोर्टल से संदिग्ध मोबाइल नंबर प्राप्त कर शातिर ठग को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय भेज दिया। आप सबको सावधान रहने की जरुरत है |
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