BREAKING

नगर पालिका टाउन एरिया में चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दिया श्रद्धांजलि

Jan Dhamaka Times


जनपद  जौनपुर में महान क्रांतिकारी व अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के 95वें शहादत दिवस के अवसर पर काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के आह्वान पर नगरपालिका परिषद टाउन हॉल मैदान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रवादी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिए। वक्ताओं ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई सन् 1906 को मध्य प्रदेश की अलीराजपुर रियासत के भावरा ग्राम में हुआ था। आदिवासी बच्चों से दोस्ती कर बचपन में ही वे पक्के निशानेबाज बन गये थे। उस समय देश भर में अंग्रेजों का अत्याचार बढ़ता ही जा रहा था। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने चन्द्रशेखर आजाद के मन में जबरदस्त उथल-पुथल पैदा कर दी। इस जघन्य हत्याकांड के प्रभाव स्वरूप ब्रिटिश विरोधी आजादी आंदोलन में भाग लेने की उनकी इच्छा प्रबल हो उठी। सन् 1921 में जब असहयोग आंदोलन चल रहा था तब स्कूल कॉलेज छोड़कर भारी संख्या में छात्र और नौजवान इस आंदोलन में शामिल हो रहे थे।

छात्र चंद्रशेखर आजाद भी सक्रिय वॉलंटियर के तौर पर शामिल हुए। फलस्वरूप वे गिरफ्तार हुए। अदालत में मजिस्ट्रेट के पूछे जाने पर उन्होंने अपना नाम आजाद पिता का नाम स्वाधीनता और घर जेलखाना बताया। इन निडर उत्तरों से चिढ़कर मजिस्ट्रेट ने 15 वर्षीय चंद्रशेखर आजाद को 15 बेतों की सजा सुनाई। तभी से वे आजाद नाम से प्रसिद्ध हो गए। 27 फरवरी 1931 को चंद्रशेखर आजाद इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश फौज से अकेले मुकाबला किया और कई अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया। काफी देर लड़ने के बाद बचने की कोई उम्मीद न देख आजाद ने आखिरी गोली अपने सिर में मार ली। अध्यक्षता- डा. जी एल निषाद व संचालन- प्रमोद कुमार शुक्ल ने किया।राष्ट्र वादी नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष रत्नदीप शर्मा ने निभाया अहम भूमिका युवाओ ने आजाद जी के जज्बे और देश भक्ति को किया नमन |

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!